प्रश्न: जिस व्यक्ति ने इस्लाम स्वीकार नहीं किया किन्तु कभी कोई पाप व्यभिचार भी नहीं किया उसकी क्या गति है इस्लाम के अनुसार?
उत्तर: दुनिया में तो सब बराबर हैं, जो भी पुन्य करेगा वह उसका अच्छा बदला पायेगा. क्योंकि ईश्वर ने सभी को अपने हिसाब से जीवन को यापन करने का अवसर दिया है. वह हर व्यक्ति से किसी माँ से 70 गुना से भी ज्यादा प्रेम करता है, बिना यह देखे कि वह व्यक्ति उसको यानि ईश्वर को मानता है या नहीं.
लेकिन परलोक में हिसाब-किताब इस बात पर होगा कि किसने ईश्वर को ईश्वर माना और किसने ईश्वर के साथ...
औरंगज़ेब सिर्फ एक शासक था
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औरंगज़ेब भी दूसरे राजाओं की तरह एक शासक ही था, जिसके अंदर बहुत सारी खूबियाँ
थीं और ऐसे ही बहुत सारी कमियाँ भी थीं, पर उन खूबियों और कमियों का देश के
मुसल...
2 weeks ago